Thursday, April 12, 2012
Friday, April 6, 2012
Thursday, March 29, 2012
Sunday, March 25, 2012
कुछ ख़याल जो छूट गए..
!! कभी दिल में तमन्ना हो
तो आ जाना मेरे दुश्मन,
किसी बेगाने मंज़र में
गिले शिक़वे भुला लेंगे !!
*****
!! मेरा मौला वहीँ रहता
जहाँ दिल साफ़ बसते हैं,
वो इंसानी फ़रिश्ते जो
ज़ुबां से साज़ लिखते हैं !!
*****
!! वो हर पल बात करते हैं
मेरे दिल को जलाने की,
ना उनको इल्म है इतना
ये दिल आंसू बहाता है !!
*****
Sunday, February 5, 2012
Thursday, January 19, 2012
Saturday, November 12, 2011
दस्तक

मेरी दबी हुई ख्वाहिशों की डोर थामे,
क़ायनात की ख़ूबसूरती से गुज़रते हुए,
हज़ारों मंज़िलों पर दस्तक देते है...
हर मंजिल
एक अनजान पहेली की तरह,
मेरे सवालों का जवाब,
एक नए सवाल से देती है...और
हमेशा की तरह,
उसका मेरे पास
ना ही कोई जवाब होता है और...
ना ही एक नया सवाल...हर मंजिल से गुज़रते गुज़रते,
ख्वाहिशो को दबाती हुई परत,
और सख्त हो जाती है,
और मेरे अधूरे ख़्वाब....
उन सख्ती से दबी हुए,
मेरी ख्वाहिशों की डोर
थामे,
कायनात की खूबसूरती से गुज़रते हुए,
फिर किसी नयी मंजिल के दरवाज़े पर
दस्तक देते है....
(Republished after editing)
Sunday, October 23, 2011
Saturday, September 24, 2011
याद पुरानी
वक़्त रेत की सकल बनाकर
मुट्ठी से यूँ निकल गया,
दाना चुंग मेरे आँगन से
कोई पंछी गुजर गया...
कभी पतंगों के पीछे
गाँव की गलियां छानी थीं,
ठंडी बारिश के ओले खाकर
हमने की मनमानी थी...
शाम ढले कुछ जुगनूं उड़कर
हमको बहुत लुभाते थे,
रात सितारों के नीचे बाबा
किस्से हमें सुनाते थे..
आज ये बारिश गीली भर है
ओले सारे सूख गए,
बाबा की बस याद रह गयी
जुगनूं बुझकर डूब गए...
Sunday, September 11, 2011
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