
हर बंधन से दूर , अनजान शहर में
रूह की गहराई से , मेरे जीवन में
आता है कोई , जाता है कोई
देखता हू सब कुछ,
एक ख्वाब की तरह ...
हवाओ के झोको में,
अजीब सी ठंडक है..
रातो के उजाले में भी
एक दीवानापन है..
समंदर की लहरे
जैसे लीपटी हो बर्फ की चादर में,
जीवन की कसक को ,
फूलों की महक को
महसूस करता हू,
एक ख्वाब की तरह ...
komal si kavita :)
ReplyDeletedhanyavaad..!!
ReplyDeleteसुंदर एहसास...............
ReplyDeleteअनु
रूह की गहराई से , मेरे जीवन में
ReplyDeleteआता है कोई , जाता है कोई
इतनी शिद्दत से जीवन जिया जाये तो आनंद ही आनंद है ...
हर तरफ प्रभु की चेतना है ....!!
बहुत सुंदर शुरुआत ...
बधाई एवम शुभकामनायें
waah ....komal bhaw
ReplyDeleteबहुत खूब सर!
ReplyDeleteसादर